Monday, April 28, 2008

Saturday, April 26, 2008

झुंझुनू की एक छवि


झुंझुनू दिल्ली से लगभग २२० किलोमीटर दूर है। यहाँ से रेगिस्तान शुरू होता है। झुंझुनू अपने धन्ना सेठों और रणबाँकुरों के लिए प्रसिद्ध है। कुछ प्रमुख व्यवसायियों में नाम आता है बजाज, बिरला, पोद्दार, मित्तल, डालमिया, पिरामल इत्यादी परिवारों का जिन्होंने व्यवसाय में खासा नाम एवं धन कमाया है। भारतीय सशस्त्र सेना में लगभग ५ प्रतिशत सैनिक झुंझुनू जिले से हैं। विभिन्न युद्धों में यहाँ के रणबाँकुरों ने अच्छा नाम कमाया है, एवम कई वीर वीरगति को प्राप्त भी हुए हैं।

प्रसन्नचित मुद्रा


सुनील भाई साहब कुछ तथ्य इत्यादी हमे समझनी का प्रयत्न कर रहे थे। इसी दौरान उनकी एक छवि हमे कैद कर ली।

दिल्ली मेट्रो


दिल्ली में चंद अची चीज़ें हैं। दिल्ली मेट्रो देख के मैं खासा अचंभित हुआ। मैं दिल्ली वालों से इतनी सरल और सहज यात्रा प्रणाली विकसित करने की अपेक्षा नही की थी. सभी मेट्रो पूर्णतया वातानुकूलित हैं। सभी डब्बे एक दूसरे से जुड़े हैं। सफ़ाई का खासा ध्यान रखा गया है। मेट्रो की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी दिल्ली पुलिस के पास ना होके CISF के पास है। अभी दिल्ली के कुछ भागों में ही इसकी सेवाएं उपलब्ध हैं। लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों से पहले इसको पूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुचारू रूप से चालू करने के प्रयत्न चल रहे हैं।

टिंकू


टिंकू मेरा भतीजा है। नटखट बालक मुझे "दादाजी कुर्सी पे कैसे बैठते हैं" दिखा रहा था।

शिव स्थान


यह शिव प्रतिमा राणी सती मन्दिर के प्रांगण में स्थित है। यह मन्दिर ४०० वर्ष से अधिक प्राचीन है। यद्यपि सती प्रथा पर सरकार ने रोक लगा रखी है, परन्तु आज भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहाँ हर वर्ष आते हैं। कुछ वर्ष पहले ग्रीष्म ऋतू में यहाँ भव्य मेला लगता था। मन्दिर का आतंरिक अन्तःपुर में चांदी का कार्य किया गया है। यह मन्दिर अपने भव्य चढावे के लिए विख्यात है। वनिको में इसकी अच्छी मान्यता है.

राणी सती मन्दिर


यह झुंझुनू के प्रसिद्ध राणी सती दादी मन्दिर का मुख्य द्वार है।

अग्नि


भारतीय विवाह संस्कार में अग्नि का विशेष महत्त्व है। यह तस्वीर नवनीत मॉल के विवाह समारोह के उपरांत ली गई थी।

जागो मोहन प्यारे


ये मेरा छोटा भाई निशांत है। इसे सुबह सुबह उठने में बड़ी समस्या रहती है। यह फोटो इसके उठ कर कुर्सी पे बैठने के बाद का है.